रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने जा रहे हैं सवर्ण नेताओं को रोकने पर सवर्ण नेताओं का कहना है कि जब वोट दिया था तब नहीं रोका गया लेकिन अब मिलने से रोका जा रहा है
क्योंकि
मुस्कुराइए आप भाजपाई हैं
आरक्षण मिलना किसे चाहिए @yadavakhilesh के बेटे को या फिर एक गरीब यादव को
आरक्षण मिलना चाहिए क्या राष्ट्रपति के बेटे को या फिर एक सफाई कर्मचारी के बेटे को
आरक्षण मिलना चाहिए किसी IAS IPS को या फिर एक गरीब को
जबकि हमारे देश में आरक्षण मिल रहा है अमीरों को गरीबों को नहीं
संविधान और आरक्षण के लिए BJP सबसे बड़ा ख़तरा है।
BJP ने आरक्षण ख़त्म करने को लेकर फिर से मुहिम तेज कर दी है।
इस कोशिश को नाकाम करना ही होगा।
69 हज़ार शिक्षक भर्ती में योगी सरकार ने पिछड़ों का हक़ मारा है।
सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
आरक्षण मिलना किसे चाहिए
@yadavakhilesh के बेटे को या फिर किसी दिहाड़ी मजदूर के बेटे को
आरक्षण मिलना चाहिए राष्ट्रपति के बेटे को या फिर किसी सफाई कर्मचारी के बेटे को
आरक्षण मिलना चाहिए IAS IPS के बेटों को या फिर किसी सड़क पर झाड़ू लगाने वाले को
संविधान और आरक्षण के लिए BJP सबसे बड़ा ख़तरा है।
BJP ने आरक्षण ख़त्म करने को लेकर फिर से मुहिम तेज कर दी है।
इस कोशिश को नाकाम करना ही होगा।
69 हज़ार शिक्षक भर्ती में योगी सरकार ने पिछड़ों का हक़ मारा है।
सड़क से लेकर संसद और सुप्रीम कोर्ट तक उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी जाएगी।
@iChiragPaswan महोदय आपको चैलेंज है आरक्षण जिसे आप संवैधानिक अधिकार बता रहे हैं उसका आर्टिकल अनुसूची और यह संविधान सभा की किस बैठक में पारित किया गया बताने का कष्ट करें और आपको यह भी चैलेंज करता हूं कि आप मंच चुने संवाद के लिए हम तैयार हूं @abplive@aajtak@ZeeNews
आरक्षण किसी के कहने से समाप्त होने वाली चीज नहीं है। आरक्षण किसी को मिल रही खैरात भी नहीं है। आरक्षण संवैधानिक अधिकार है, जो लोग प्रदर्शन कर रहे हैं जब उनके साथ बैठकर संवाद किया जाएगा उन्हें भी समझ आएगा : @iChiragPaswan
चलो अच्छा हुआ PDA से P फॉर पंडित गायब हुआ PDA P फॉर पंडित गायब करने के लिए आपको बहुत-बहुत धन्यवाद और अग्रिम चुनाव के लिए भी आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएं क्योंकि आप2027में कम तो बनने वाले नहीं हो क्योंकि आपने जो2027में विपक्ष में बैठने का निर्णय किया उसके लिए भी आपको अगेन शुभकामनाएं
‘आरक्षण सुधार’ के नाम पर ‘आरक्षण समाप्ति’ का षड्यंत्र पीडीए समाज के ख़िलाफ़ एक और गहरी साज़िश है। आरक्षण पीडीए का अधिकार है किसी की इच्छा का विषय नहीं।
भाजपा व उनके संगी-साथी समय-समय पर जिस तरह कभी ‘समीक्षा’ तो कभी ‘सुधार’ जैसे अस्पष्ट शब्दों का प्रयोग कर आरक्षण का विरोध करते