
नेपाल की विनाशकारी बाढ़ ने हिमालय में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। गर्म होते हिमालय, पिघलते ग्लेशियर और GLOF का खतरा भारत के चमोली और सिक्किम जैसे पुराने हादसों की याद दिला रहा है।

नेपाल में भोटेकोशी नदी का पानी कम होने के बाद किनारे पर लाशों के ढेर पाए जा रहे हैं। ये शव अब सड़ने की स्थिति में हैं। ऐसे में उन्हें बड़ा गड्ढा खोदकर सामूहिक रूप से दफनाया जा रहा है।

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान एक स्कूल के प्रिंसिपल ने समय रहते बड़ा फैसला लेकर करीब 900 बच्चों की जान बचा ली। बाढ़ का पानी आने से करीब 10 मिनट पहले उन्होंने स्कूल खाली करा दिया था। बाद में स्कूल की पूरी इमारत मलबे में दब गई।

नेपाल की भीषण बाढ़ के बाद लोगों को बचाने या फिर लाशों को तलाशने का अभियान चलाया जा रहा है। उपकरणों की कमी की वजह से इस काम में काफी दिक्कत आ रही है। मद्रास हाई कोर्ट के पूर्व जज भी इस बाढ़ में लापता हो गए हैं।
नेपाल बाढ़ में चार घर बह गए, लेकिन एक काला-सफेद कुत्ता अब भी अपने पुराने घर की जगह पर बैठा है। JCB और राहतकर्मियों के बावजूद वह वहां से नहीं हट रहा। मालिकों का पता नहीं है और लोग उसके पास खाना-पानी रख रहे हैं।
कोसी नदी में उफान से सहरसा और सुपौल जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ा है। सहरसा के नवहट्टा के ग्रामीण इलाकों और सुपौल सदर प्रखंड के कई गांवों में पानी फैल रहा है। दरभंगा के गौड़ाबौराम के निचले इलाकों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है।
जमील ने बताया कि देवरिया लार के मूल निवासी रहे मुख्तार अहमद, उनकी पत्नी और उनका लड़का साहिल इस आपदा की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। उनके परिवार सदस्य कानपुर में रहते हैं। जमील ने बताया कि बाढ़ का पता चलते ही वह और उनकी पत्नी किसी तरह घर की छत पर चले गए। कुछ लड़कों ने उन्हें वहां से निकाला।
नेपाल में बाढ़ की भीषण तबाही के बाद बचाव कार्य जारी है। इस बीच एक तकलीफदेह खबर आई है। बाढ़ प्रभावित एक हाइड्रोपॉवर प्रोजेक्ट में 93 मजदूरों का पता नहीं चल रहा है। इन मजदूरों का पता लगाने के लिए थर्मल ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
मामला उस समय पेचीदा हुआ, जब नेपाल के बरदिया से पोखरा पहुंचे दहित परिवार के सदस्यों ने अस्पताल में शव की पहचान गोपाल के रूप में की। गोपाल के बड़े भाई कृष्ण बहादुर थारू अभी अस्पताल नहीं पहुंचे थे, इसलिए परिजनों ने उनके आने का इंतज़ार किया।
नेपाल पुलिस ने इस पूरे अभियान की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयक की है। पुलिस ने इसके साथ एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें बैंक से कैश, सोना और जरूरी दस्तावेज निकालने में जुटे लोग नजर आ रहे हैं।