IPS Vivek Raj Singh: इंजीनियरिंग के बाद UPSC क्रैक, 3 कैडर में दे चुके हैं सेवाएं, अब मिली नई जिम्मेदारी

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आईपीएस विवेक राज सिंह की पत्नी वरनाली डेका 2009 बैच की असम कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। शादी के बाद विवेक राज सिंह ने पत्नी के कैडर के आधार पर अपना कैडर बिहार से असम-मेघालय ट्रांसफर करा लिया।

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आईपीएस सक्सेस स्टोरी

कुछ आईपीएस अधिकारी अपनी धाकड़ प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। इन्हीं में से एक नाम विवेक राज सिंह का है। वो असम-मेघालय कैडर के साल 2006 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और अब उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है। वो अपने शानदार कार्यों के अलावा फिटनेस से लिए भी काफी फेमस थे। क्योंकि कभी ���नका वजन 138 किलो हुआ करता था, लेकिन उन्होंने मेहनत के दम पर वजन घटाया और फिर 80 किलो के आसपास हो गया है, जो एक बहुत बड़ी बात है। चलिए आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।

एनसीबी में मिली ये जिम्मेदारी

बता दें कि विवेक राज सिंह को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) में डिप्टी डायरेक्टर जनरल (DDG)के पद पर नियुक्त किया गया है। असम-मेघालय कैडर से कार्यमुक्त होने के बाद वह NCB कार्यालय में पदभार ग्रहण करेंगे। उन्‍होंने तीन अलग-अलग सर्विस कैडर बिहार, मध्य प्रदेश और असम-मेघालय में सेवाएं देने का अवसर मिला है।

कौन हैं आईपीएस विवेक राज सिंह

आईपीएस विवेक राज सिंह मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2005 में सफलता हासिल की और इसके बाद उन्हें बिहार कैडर मिला।

बिहार कैडर में संभाली अहम जिम्मेदारी

बिहार कैडर में सेवा के दौरान विवेक राज सिंह ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। सासाराम में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर रहते हुए उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों का प्रभावी ढंग से नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने औरंगाबाद और लखीसराय जिलों में भी पुलिस अधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दीं।

2008 में सासाराम में हुए दंगों के दौरान भी विवेक राज सिंह ने अपनी सूझबूझ और प्रभावी पुलिसिंग का परिचय दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वह खुद मौके पर पहुंचे और उपद्रवियों से बातचीत कर तनाव कम करने में अहम भूमिका निभाई। उनके इस कदम से इलाके में बिगड़ती स्थिति को संभालने में मदद मिली। विवेक राज सिंह ने कुछ समय तक पुलिस अधीक्षक (रेलवे), पटना के पद की जिम्मेदारी भी संभाली। इस दौरान उनके कार्य और नेतृत्व क्षमता की चर्चा रही।

पत्नी भी आईपीएस

आईपीएस विवेक राज सिंह की पत्नी वरनाली डेका 2009 बैच की असम कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। शादी के बाद विवेक राज सिंह ने पत्नी के कैडर के आधार पर अपना कैडर बिहार से असम-मेघालय ट्रांसफर करा लिया। असम कैडर में आने के बाद उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने नगांव और दरांग के पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में सेवाएं दीं। असम में अपने कार्यकाल के दौरान विवेक राज सिंह ने कानून-व्यवस्था से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं और अलग-अलग संवेदनशील पदों पर अपनी सेवाएं दीं।

फिटनेस पर खास ध्यान

आईपीएस अधिकारी विवेक राज सिंह की वजन कम करने की कहानी काफी दिलचस्प है। क्योंकि विवेक राज सबसे ज्यादा चर्चा में तब आए जब उन्होंने अपना वजन तेजी से कम किया। बिहार के नक्सल एरिया में पोस्टिंग के दौरान उनका वजन 138 किलो हो गया था। लेकिन उन्होंने ​फिटनेस पर ध्यान दिया। साइकिंग और रनिंग खूब करते हैं। फिर विवेक राज सिंह आईपीएस का वजन 138 से घटकर 80 किलो के आसपास हो गया है, जो एक बहुत बड़ी बात है।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

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