PhD : डीयू में 4 साल की ग्रेजुएशन करने वालों के लिए डायरेक्ट पीएचडी में आवेदन शुरू, क्या हैं शर्तें
डीयू ने चार वर्षीय स्नातक कोर्स (एफवाईयूजीपी) पूरा करने वाले अपने छात्रों के लिए पीएचडी दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन मांगे हैं।

डीयू ने चार वर्षीय स्नातक कोर्स (एफवाईयूजीपी) पूरा करने वाले अपने छात्रों के लिए पीएचडी दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिले के लिए आवेदन मांगे हैं। यह अवसर दिल्ली विश्वविद्यालय और उसके कॉलेजों से चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए है। आवेदन प्रक्रिया 27 अगस्त से शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 6 सितंबर 2026 है। इच्छुक व योग्य छात्र pgportal.uod.ac.in पर जाकर एप्लाई कर सकते हैं।
कौन है योग्य
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एक बार की छूट के तहत ग्रेजुएशन में न्यूनतम 7.5 CGPA पाने वाले उम्मीदवार सीधे पीएचडी कोर्स में एडमिशन पाने के लिए पात्र होंगे। आरक्षित वर्गों एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग के लिए न्यूनतम मार्क्स 7 CGPA निर्धारित किए गए हैं।
यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के मद्देनजर 2022-23 में 4-वर्षीय यूजी कोर्स शुरू किया था। सत्र 2022-23 में 75,948 छात्रों ने एडमिशन लिया था, जिनमें से 40,005 छात्र तीसरे वर्ष (2025) में एग्जिट कर गए, जबकि लगभग 35,943 छात्रों ने चौथे वर्ष को चुना।
डीयू को 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए एक साल के पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए 35,943 FYUP स्टूडेंट्स से 12,111 एप्लीकेशन मिले हैं। यूनिवर्सिटी पोस्टग्रेजुएट करिकुलम फ्रेमवर्क (PGCF) के तहत 46 एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम में 5,857 सीटें ऑफर कर रही है। DU ने कहा कि सीटों की संख्या दूसरी यूनिवर्सिटीज की तुलना में ज्यादा है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने 71 सीटों के साथ चार प्रोग्राम ऑफर किए हैं और अंबेडकर यूनिवर्सिटी दिल्ली (AUD) ने 210 सीटों के साथ सात प्रोग्राम ऑफर किए हैं। यूनिवर्सिटी ने कहा कि ऑप्शनल चौथा साल अंडरग्रेजुएट एजुकेशन में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को मजबूत करने और भारतीय डिग्री को ग्लोबल स्टैंडर्ड के साथ जोड़ने के लिए शुरू किया गया था, एकेडमिक रूप से काबिल ग्रेजुएट तैयार करना भी इसका मकसद था।


